अस्थमा के बचाव

अस्थमा की दिक्कत है तो यह बातें जानना बहुत ज़रूरी है!

अस्थमा की दिक्कत का सबसे सरल लक्षण है सांस लेने कठिनाई होना| जब आपको अस्थमा होता है तो श्वास नली में सूजन हो जाती है| यही कारण है की सांस की नली सिकुड़ने लगती है और सांस लेते वक़्त आपको दिक्कत होती है, जैसे की सांस लेते वक़्त आवाज़ आना, ख़ासी आना, श्वास की कमी होना और सीने में जकड़न महसूस होना|

अस्थमा के दो प्रकार होते हैं, जिनके बारे में जानकारी होना भी ज़रूरी है| पहला, बाहरी अस्थमा और आंतरिक अस्थमा|

आंतरिक अस्थमा  इस तरह का अस्थमा, केमिकल एजेंट यानि की रासायनिक तत्वों को श्वास नाली द्वारा अंदर लेने से होता है| अगर आप सिगरेट पीते हैं या पेंट करते हैं तो अस्थमा होने के आसार बढ़ जाते हैं क्यूंकी पेंट में पाये जाने वाले पेंट वेपर्स भी अस्थमा के लिए घातक होते हैं|

बाहरी अस्थमा  बाहरी ऐलर्जन के श्वास नाली में प्रवेश के कारण होने वाली समस्याओं को बाहरी अस्थमा में गिना जा सकता है| जैसे: बाहरी ऐलर्जिक चीज़ें, जानवर, धूल व पराग के कारण हो होने वाले अस्थमा को बाहरी अस्थमा कहते हैं|

अस्थमा के कारण जान लें:

–    वायु प्रदूषण के कारण दमा होने के आरास बढ़ जाते हैं|

–    अगर आपको सर्दी के मौसम में फ्लू हो जाये तो इससे भी दमा होने के आसार बढ़ जाते हैं|

–    अगर आप कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ खा रहे हैं जो दमा के लिए हानिकारक है तो यह भी एक कारण हो सकता है|

–    अगर आप सेगरेट का सेवन करते हैं तो यह भी अस्थमा का कारण बन सकता है|

–    कुछ प्रकार की दवाओं को खाने से भी अस्थमा की समस्या हो सकती है|

–    अगर आप शराब का सेवन करते हैं तो इससे भी दमा होने के आसार बढ़ जाते हैं|

–    कई बार तनाव भी अस्थमा का कारण बन जाता है|

–    ज़रूरत से ज़्यादा व्यायाम भी अस्थमा का कारण बन सकता है|

अस्थमा के लक्षण क्या हैं?

1.      सूखी ख़ासी आना, कई लोगों में सूखी ख़ासी में बलगम भी आता है कई लोगों में केवल सूखी ख़ासी आती है|

2.      अगर आपके सीने में जकड़न होती है तो ये दमा के कारण हो सकता है|

3.      दमा की समस्या सुबह व रात के समय ज़्यादा गंभीर हो जाती है|

4.      अगर आप ज़ोर ज़ोर से सांस ले रहे हैं तो आपको बहुत जल्दी थकान महसूस होगी|

5.      अगर दमा की समस्या बहुत अधिक बढ़ जाती है तो कई लोगों को उल्टियाँ भी होती हैं|

6.      अगर तापमान कम है और ठंडी हवा चल रही है तो इससे सांस लेने में दिक्कत हो जाती है|

7.      सांस छोड़ते वक़्त और लेते वक़्त आवाज़ में घरघराहट होना|

8.      हार्ट बर्न यानि की हृद्या में जलन होना|

अस्थमा से बचाव के घरेलू उपाय

1.      खाने पर ध्यान दें: आप जो भी खा रहे हैं वो दमा की समस्या को बढ़ा या घटा सकता है| इसलिए ज़रूरी है की पोष्टिक आहार खाएं और जो भी खाएं उसे अच्छे से चबा कर खाएं और जल्दी में न खाएं| इससे सीने में भारीपन महसूस नहीं होगा| इस लिए जितनी ज़रूरत हो उतना ही खाएं और जल्दबाज़ी में मत खाएं|

2.      दमा में कुछ चीज़ें न खाएं: अगर आपको अस्थमा की समस्या है तो आपने आहार में वसा, प्रोटीन, व कर्ब्स की मात्रा कम कर दें, या फिर बिलकुल भी न खाएं| इसके साथ ही मछ्ली, चॉक्लेट व मास का सेवन भी बंद कर दें| जिन लोगों को मसालेदार, चटपटा खाना पसंद है जिसमें आचार भी शामिल है उनके लिए यह जानना ज़रूरी है की यह सभी खाद्य पदार्थ अस्थमा के लिए हानिकारक है|  

3.      गर्म पानी है बेहतर: जैसे की दमा के रोगी में देखा गया है की रात के समय उनकी यह समस्या बढ़ जाती है और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है उन्हें रात को सोने से पहले एक ग्लास गरम पानी पीना चाहिए| और इसके साथ ही अस्थमा के रोगी सुबह-सुबह सैर पर भी जा सकते हैं जिससे की उन्हें प्रदूषण से दूर ताज़ी हवा मिल सके|

4.      व्यायाम भी है ज़रूरी: योग आता है तो इससे बहुत अधिक लाभ हो सकता है क्यूंकी योग में कुछ ऐसे श्वास संबंधी आसन हैं जिनसे आपकी दमा की समस्या में सुधार हो सकता है| इसके साथ ही योग सुबह के समय करने से ताज़ी साफ हवा ले सकते हैं| योग के इन आसनों में पश्चिमोत्तानासन, धनुरासन, उत्तानपादासन, शीर्षासन, और सर्वांगासन जैसे योग आसन शामिल हैं|

5.      स्ट्रैस कम तो दमा होगा कम: आधी से ज़्यादा बीमारियाँ व समस्याएँ हमे न होते हुये भी खुद से पैदा कर देते हैं| इसलिए ज़रूरी है की स्ट्रैस कम करें और उन चीजों को करें जिनसे आपका दिनचर्या प्रॉडक्टीव रहे और आपको वो करते हुये अच्छा भी लगे| स्ट्रेस को कम करने के लिए आपने आप को काम में व्यस्त करें, जिससे आपका ध्यान काम को करने में लगे अगर आप खाली बैठेगें तो पुरानी बातें सोचते रहेंगें|

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